ऐतिहासिक स्मरणीय दिवस 31मार्च का दिन अंग्रेजियत से आजादी के लिए मिल रहें है शुभ संकेत========== =1857की क्रांति के लिए 31.03.1857निश्चित=== किया गया था* हालाकि वह क्रांति इस तिथी से पहले ही शुरू हो गई थी.1857की क्रांति में अनेको शूरवीर शहीद हो गए पर एक स्वतंत्रता की आशा की किरण दिखा गए।उस क्रांति के परिणामस्वरूप अंग्रेजों का शासन हिल गया था *और भारत से ईस्ट इण्डिया कम्पनी का राज तो समाप्त हो गया पर इंग्लेंड की सरकार ने शासन.सम्हाल.लिया.* और1947में अंग्रेज भारत छोड़कर चले गए। पर अंग्रेजियत अभी भी हमको गुलाम बनाये हुए है.अब अंग्रेजियत से आजादी का सही समय आ गया.आप पूछेगें कि अब सही समय क्यों? उसका उत्तर है कि *जब अस्तित्व को कोई परिवर्तन करना होता है तो वह कोई न कोई संकेत जरुर देता है.1857की क्रांति के लिए निश्चित की तारिख-31मार्च ही थी.वंदन.अभिनंदन🙏
पुण्यतिथि महात्मा गांधी जी 30.01.1948 मोहनदास करमचन्द गांधी का जन्म02अक्टूं.1869 को पोरबन्दर(गुजरात)में हुआ.* पिता करमचन्द गांधी पोरबन्दर और राजकोट के शासक के दीवान रहे।माँ धर्मप्रेमी थीं।रामायण,महाभारत आदि ग्रन्थों का पाठ करती थीं।मन्दिर जाते समय अपने साथ मोहनदास को ले जाती।इसका बालक मोहनदास के मन पर बहुत प्रभाव पड़ा।बचपन में गांधी जी ने श्रवण की मातृ-पितृ भक्ति,राजा हरिश्चन्द्र नाटक से मात-पिता की आज्ञा पालन तथा सदा सत्य बोलने का व्रत लिया.13वर्ष की आयु में ही शादी कस्तूरबा से हुई।विवाह के बाद भी गांधी जी ने पढ़ाई चालू रखी।जब उन्हें ब्रिटेन जाकर कानून की पढ़ाई का अवसर मिला।माँ ने उन्हें शराब और माँसाहार से दूर रहने की प्रतिज्ञा दिलायी।गांधीजी नेआजीवन इस व्रत का पालन किया।कानून की पढ़ाई पूरी कर वे भारत आ गये;यहां वकालत कुछ विशेष नहीं चल पायी।गुजरात के कुछ सेठअफ्रीका से व्यापार करते थे।उनमें से एक दादा अब्दुल्ला के वहाँ कई व्यापारिक मुकदमे चल रहे थे।उन्होंने गांधी जी को उनकी पैरवी के लिए अपने खर्च पर अफ्रीका भेजा।वहां उन्हें कई कटु अनुभव हुए।वहाँ भी भारत की तरह अंग्रेज...
सर रतनजी टाटा (२० जनवरी १८७१ ई. - ५ सितंबर १९१८ ई.) भारत के सुविख्यात पारसी उद्योगपति और जनसेवी जमशेदजी नासरवान जी टाटा के पुत्र। उन्होने भारत में टाटा समूह के विकास में एक निर्णायक भूमिका निभाई थी। https://hi.m.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A4%A8%E0%A4%9C%E0%A5%80_%E0%A4%9F%E0%A4%BE%E0%A4%9F%E0%A4%BE
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